अभी हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री (Union Minister of Agriculture & Farmers' Welfare and Rural Development) [Shree Shivraj Singh Chouhan] ने मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले के रामसिया गाँव से “खेत बचाओ अभियान” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया।
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👉 ग्राम स्तर पर संपर्क: कृषि वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR ), कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कृषि विभाग के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि गाँवों का दौरा करेंगे ताकि किसानों को शिक्षित किया जा सके और उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान की जा सके।
👉 Scientific Agriculture: इस अभियान के अंतर्गत सोयाबीन (Soyabean), धान (Rice) और दलहनों (Pulses) जैसी फसलों के लिये खेत स्तर पर प्रदर्शन किये जाएंगे। किसानों को लेजर लेवलर (Laser Leveler) [Land leveling technology] के उपयोग, स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार फसल चयन (Crop Selection) तथा जल-संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों (Agricultural practices) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उत्तर: Khet Bachao Abhiyan एक जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि भूमि, मिट्टी की उर्वरता, जल संसाधनों और फसलों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसके माध्यम से टिकाऊ (Sustainable) खेती को बढ़ावा दिया जाता है।
उत्तर: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि को बंजर होने से बचाना, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है।
उत्तर: लगातार बढ़ते भूमि क्षरण, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग, जल की कमी और पर्यावरणीय समस्याओं के कारण इस प्रकार के अभियानों की आवश्यकता महसूस की गई।
उत्तर: इस अभियान के माध्यम से किसानों को बेहतर खेती तकनीक, जल संरक्षण, जैविक खेती और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी मिलती है, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सकती है।
उत्तर: किसानों को जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए, फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाना चाहिए और मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) समय-समय पर करवाना चाहिए।
उत्तर: जल संरक्षण खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ड्रिप इरिगेशन, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और उचित सिंचाई तकनीकों के उपयोग से पानी की बचत की जा सकती है।
उत्तर: हां, जैविक खेती को बढ़ावा देना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इससे मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहते हैं।
उत्तर: फसल चक्र का अर्थ है अलग-अलग मौसम में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाना। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कीट एवं रोगों का खतरा कम होता है।
उत्तर: आधुनिक तकनीक जैसे ड्रिप इरिगेशन, Soil Testing, स्मार्ट फार्मिंग और उन्नत बीजों का उपयोग करके खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
उत्तर: किसान जल संरक्षण, जैविक खाद का उपयोग, मिट्टी परीक्षण, फसल चक्र अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल खेती पद्धतियों को अपनाकर इस अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
विश्व की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों (Food Crops) में अनाज (Grains), मक्का (Maize), गेहूं (Wheat) और चावल (Rice) को शामिल किया जाता है। ये फसलें दुनिया भर में करोड़ों लोगों के भोजन का मुख्य स्रोत हैं और कृषि क्षेत्र में इनका विशेष महत्व है।