खेत बचाओ अभियान (Khet Bachao Abhiyan)
अभी हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री (Union Minister of Agriculture & Farmers' Welfare and Rural Development) [Shree Shivraj Singh Chouhan] ने मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले के रामसिया गाँव से “खेत बचाओ अभियान” का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया।
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🌻यह अभियान मुख्यतः मृदा की गुणवत्ता को बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों (Chemical fertilizers) और कीटनाशकों (Pesticides) के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों (Scientific agricultural practices) को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। यह अभियान 1 जून से 30 जून, 2026 तक पूरे देश में संचालित किया जाएगा।
👉 Key activities: यह अभियान मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित पोषक प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, उन्नत बीजों का उपयोग, बीज उपचार, हरी खाद, आधुनिक बुआई तकनीक और जल-संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देता है।
👉 Scheme-related: यह अभियान नकली उर्वरकों (Spurious fertilizers), बीजों (Seeds) और कीटनाशकों के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ाएगा, साथ ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रम जैसी सरकारी योजनाओं (Government schemes) का लाभ प्राप्त करने में सहायता करेगा।
👉 Main message: यह अभियान “मिट्टी बचाओ, खेती बचाओ, किसान बचाओ” की अवधारणा (concept) पर आधारित है। यह इस बात पर ज़ोर देता है कि मृदा की गुणवत्ता (Soil quality) ही उत्पादक कृषि, सशक्त किसानों और दीर्घकालिक राष्ट्रीय समृद्धि (Long-term national prosperity) की मूल आधारशिला है।
👉 Soil Health Card: यह अभियान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग को बढ़ावा देता है ताकि उर्वरकों (Fertilizers) का प्रयोग मृदा की वास्तविक पोषक आवश्यकताओं के आधार पर किया जा सके। इससे कृषि लागत कम करने, उत्पादकता (Productivity) बढ़ाने और मृदा की उर्वरता बनाए रखने में सहायता मिलती है।
👉 ग्राम स्तर पर संपर्क: कृषि वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR ), कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कृषि विभाग के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि गाँवों का दौरा करेंगे ताकि किसानों को शिक्षित किया जा सके और उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान की जा सके।
👉 Scientific Agriculture: इस अभियान के अंतर्गत सोयाबीन (Soyabean), धान (Rice) और दलहनों (Pulses) जैसी फसलों के लिये खेत स्तर पर प्रदर्शन किये जाएंगे। किसानों को लेजर लेवलर (Laser Leveler) [Land leveling technology] के उपयोग, स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार फसल चयन (Crop Selection) तथा जल-संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों (Agricultural practices) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
Khet Bachao Abhiyan FAQs
1. Khet Bachao Abhiyan क्या है?
उत्तर: Khet Bachao Abhiyan एक जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि भूमि, मिट्टी की उर्वरता, जल संसाधनों और फसलों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसके माध्यम से टिकाऊ (Sustainable) खेती को बढ़ावा दिया जाता है।
2. Khet Bachao Abhiyan का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि को बंजर होने से बचाना, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है।
3. Khet Bachao Abhiyan की आवश्यकता क्यों पड़ी?
उत्तर: लगातार बढ़ते भूमि क्षरण, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग, जल की कमी और पर्यावरणीय समस्याओं के कारण इस प्रकार के अभियानों की आवश्यकता महसूस की गई।
4. Khet Bachao Abhiyan से किसानों को क्या लाभ मिलता है?
उत्तर: इस अभियान के माध्यम से किसानों को बेहतर खेती तकनीक, जल संरक्षण, जैविक खेती और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी मिलती है, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सकती है।
5. मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर: किसानों को जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए, फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाना चाहिए और मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) समय-समय पर करवाना चाहिए।
6. Khet Bachao Abhiyan में जल संरक्षण का क्या महत्व है?
उत्तर: जल संरक्षण खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ड्रिप इरिगेशन, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और उचित सिंचाई तकनीकों के उपयोग से पानी की बचत की जा सकती है।
7. क्या जैविक खेती (Organic Farming) Khet Bachao Abhiyan का हिस्सा है?
उत्तर: हां, जैविक खेती को बढ़ावा देना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इससे मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहते हैं।
8. फसल चक्र (Crop Rotation) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
उत्तर: फसल चक्र का अर्थ है अलग-अलग मौसम में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाना। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कीट एवं रोगों का खतरा कम होता है।
9. Khet Bachao Abhiyan में आधुनिक तकनीक की क्या भूमिका है?
उत्तर: आधुनिक तकनीक जैसे ड्रिप इरिगेशन, Soil Testing, स्मार्ट फार्मिंग और उन्नत बीजों का उपयोग करके खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
10. किसान Khet Bachao Abhiyan में कैसे योगदान दे सकते हैं?
उत्तर: किसान जल संरक्षण, जैविक खाद का उपयोग, मिट्टी परीक्षण, फसल चक्र अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल खेती पद्धतियों को अपनाकर इस अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।


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